back to top
33.1 C
New Delhi
Friday, March 6, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Loan Approval आसान! बिना CIBIL स्कोर के कैसे मिलेगा लोन, पढ़ें नई प्लानिंग

सरकार AI-आधारित वैकल्पिक क्रेडिट स्कोरिंग पर काम कर रही है, जिससे बिना सिबिल स्कोर वाली ग्रामीण आबादी और छोटे उद्यमियों को डिजिटल डेटा के आधार पर आसानी से लोन मिल सकेगा।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। देश में लाखों लोग ऐसे हैं जिन्होंने कभी बैंक से कर्ज नहीं लिया, इसलिए उनका कोई क्रेडिट इतिहास नहीं है। परिणामस्वरूप जब वे पहली बार लोन के लिए आवेदन करते हैं तो सिबिल स्कोर न होने के कारण लोन आसानी से नहीं मिलता। अब केंद्र सरकार इस स्थिति को बदलने की योजना पर काम कर रही है।

बिना सिबिल स्कोर लोन की योजना

सरकार AI आधारित क्रेडिट स्कोरिंग फ्रेमवर्क विकसित करने पर विचार कर रही है, जिससे बिना पारंपरिक क्रेडिट इतिहास वाले लोग भी ऋण के लिए पात्र हो सकेंगे। इसका लाभ खासकर महिलाओं, ग्रामीण आबादी, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और छोटे कारोबारियों को मिलेगा। इस नई प्रणाली से बैंकिंग प्रणाली के दरवाजे उन लोगों के लिए खुलेंगे जिनका पहले औपचारिक बैंकिंग रिकॉर्ड नहीं रहा।

वर्तमान प्रणाली और उसकी बाधाएं

फिलहाल बैंक लोन देने से पहले व्यक्ति का सिबिल स्कोर और क्रेडिट हिस्ट्री जांचते हैं। सिबिल जैसी क्रेडिट एजेंसियां पुराने लोन, समय पर भुगतान और डिफॉल्ट का रिकॉर्ड रखती हैं। जिन लोगों ने पहले कभी लोन नहीं लिया, उन्हें “न्यू टू क्रेडिट” मानकर लोन से वंचित किया जाता है। सरकार का मानना है कि यह व्यवस्था पहली बार लोन लेने वालों के लिए बड़ी बाधा बन रही है।

AI आधारित क्रेडिट स्कोरिंग: वैकल्पिक आंकड़ों से ऋण तक पहुंच

नई योजना के तहत एआई और डेटा एनालिटिक्स की मदद से वैकल्पिक आंकड़ों के आधार पर व्यक्ति की क्रेडिट योग्यता का मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें शामिल हैं नियमित बिजली-पानी बिल का भुगतान, मोबाइल रिचार्ज और डिजिटल ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड, बैंक खाते में लेनदेन का व्यवहार, और सरकारी योजनाओं का लाभ। इन सभी डेटा को मिलाकर एक वैकल्पिक क्रेडिट प्रोफाइल तैयार किया जाएगा, जिससे उन लोगों को भी ऋण तक पहुँच मिलेगी जिनका पारंपरिक सिबिल स्कोर नहीं है।

महिलाओं और ग्रामीण आबादी को होगा फायदा

इस पहल से महिलाओं, ग्रामीण क्षेत्रों, SHGs और छोटे व्यवसायियों को बड़ी राहत मिलेगी। इनके पास आय का सोर्स तो होता है, लेकिन औपचारिक क्रेडिट इतिहास नहीं होता। नई प्रणाली इन्हें औपचारिक बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने में मदद करेगी और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देगी।

बैंकिंग सेक्टर पर प्रभाव

यदि यह नया ढांचा लागू होता है, तो बैंक और वित्तीय संस्थान अपने ग्राहक आधार का विस्तार कर सकेंगे। साथ ही, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, डेटा सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार करना जरूरी होगा, ताकि ग्राहक का निजी डेटा सुरक्षित रहे।

Advertisementspot_img

Also Read:

कंफ्यूज हैं की SIP में निवेश करें या RD में? जानिए दोनों में से निवेश के लिए क्या है बेहतर विकल्प, इसमें मिलेगा बंपर...

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क- अगर आप भी अभी तक यही सोच रहे हैं कि पैसे को किस योजना में निवेश करें तो SIP या RD...
spot_img

Latest Stories

पूर्व BJP विधायक ने फिर उगला जहर, बोले- मुसलमान आज के राक्षस, उन्हें खत्म करना जरूरी है

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पूर्व BJP विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह...

UP Politics: कांशीराम जयंती पर शक्ति प्रदर्शन करेगी BSP, मायावती कर सकती हैं चुनावी शंखनाद

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश चुनावों के मद्देनजर बहुजन...

Share Market: जंग के तनाव से शेयर बाजार में गिरावट, Sensex 365 अंक टूटा, Nifty भी 100 अंक से ज्यादा फिसला

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार...